अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

समंदर की उम्र

समंदर की उम्र | अशोक चक्रधर की हास्य कविता

लहर ने
समंदर से
उसकी उम्र पूछी,
समंदर मुस्करा दिया।

लेकिन जब
बूँद ने
लहर से
उसकी उम्र पूछी
तो
लहर बिगड़ गई
कुढ़ गई
चिढ़ गई
बूँद के
ऊपर ही
चढ़ गई...और. . .
इस तरह
मर गई!

बूँद समंदर में समा गई
और. . .
समंदर की उम्र
बढ़ा गई!

- अशोक चक्रधर
[सोची-समझी, प्रतिभा प्रतिष्ठान, नई दिल्ली]

 

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