हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त।

ज्ञान का पाठ

डॉ० कलाम को समर्पित....


ज्ञान का पाठ उसने पढ़ाया हमें
ख्वाब भी लेना उसने सिखाया हमें

मन के आंगन में छाई जो काली घटा
गीत अभियान का गा सुनाया हमें

ख़ास होकर भी वो आदमी आम था
सादगी क्या है उसने बताया हमें

उसने गीता पढ़ी, और पढ़ी थी कुरां
धर्म इंसानियत का पढ़ाया हमें

जब तलक सांस है कर्म करते रहो
जाते-जाते भी रस्ता दिखाया हमें

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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