भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

कलयुग | मुक्तक

कलयुग में पाई है बस यही शिक्षा
हर बात पर मांगें हैं अग्नि-परीक्षा
बुद्ध भी अगर आज उतरें धरा पर
मांगे ना देगा उन्हें कोई भिक्षा।

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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