समस्त आर्यावर्त या ठेठ हिंदुस्तान की राष्ट्र तथा शिष्ट भाषा हिंदी या हिंदुस्तानी है। -सर जार्ज ग्रियर्सन।

जीवन और मौसम

 (काव्य) 
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रचनाकार:

 डॉ रमेश पोखरियाल निशंक

छँटने लगे हैं बादल
धुंध होने लगी कम,
नई सुबह की है आहट
बदलने लगा मौसम। 
दिखने लगा रास्ता
मिटने लगा है भ्रम,
जीवन की घोर बाधाएँ
दृढ़ता के सामने
पड़ने लगी हैं कम। 
प्रकृति के साथ-साथ
जीवन का भी
बदलने लगा जीवन।

- रमेश पोखरियाल 'निशंक'
      [संघर्ष जारी है]

 

 

 

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