राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिंदी ही जोड़ सकती है। - बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

हिंदी

 (काव्य) 
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रचनाकार:

 रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड

हिंदी उनकी राजनीति है 
हिंदी इनका हथियार है
हिंदी कईयों का औज़ार है। 
हिंदी उनके लिए भाषण है
हिंदी इनके लिए जलसा है 
हिंदी कईयों का नारा है। 
जरा गिनो तो 
अनगनित
हिंदीवालों में से
कितनों को हिंदी से प्यार है?
जरा बताओ तो 
यह कैसा अनुराग है?

- रोहित कुमार 'हैप्पी'
  ई-मेल: editor@bharatdarshan.co.nz

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