भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

कुछ हाइकु

मन की बात
सोचो, समझो और
मनन करो।

अपना घर
तन-मन-धन से
स्वच्छ बनाएं।

पानी या खून
हर बूँद अमूल्य
मत बहाओ।

गेंहूँ, जौ, चना
कैसे हो और घना
हमें सोचना।

-आनन्द विश्वास

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