देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

सुखद समाचार

रचनाकार: शेख़ सादी
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एक अरब बादशाह बीमार था। उसके जीने की कोई आशा न थी। वैद्यों ने जवाब दे दिया था। इन्हीं दिनों एक सवार ने आकर उसे किसी किले की फतह का सुखद समाचार सुनाया। बादशाह ने लंबी सांस लेकर कहा, 'यह ख़बर मेरे लिए नहीं, मेरे उत्‍तराधिकारियों के लिए सुखदायक हो सकती है।'

- शेख़ सादी

 

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