यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

ताजमहल (काव्य)

Print this

Author: अरुण जैमिनी

इंटरव्यू देने पहुँचा
हरियाणे का एक युवा बेरोजगार
एक पोस्ट के लिए
आए थे अस्सी उम्मीदवार
किसे रखना है, यह बात तय थी
इसलिए चयनकर्ताओं के सवालों में
न सुर, न ताल और न लय थी

एक चयनकर्ता ने
हरियाणवी छोरे से पूछा—
‘बताओ
ताजमहल कहाँ है?’
हरियाणवी छोरा बोला—
‘जी... रोहतक में’
‘बहुत अच्छा... बहुत अच्छा...
इतना भी नहीं जानता
नौकरी क्या ख़ाक करेगा?’
हरियाणवी छोरा बोला :
‘आगरे में बता दूँ
तो क्या रख लेगा?’

-अरुण जैमिनी
[ हास्य-व्यंग्य की शिखर कविताएँ ]

Back

 
Post Comment
 
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश