अपनी सरलता के कारण हिंदी प्रवासी भाइयों की स्वत: राष्ट्रभाषा हो गई। - भवानीदयाल संन्यासी।
साहित्य अकादमी 2017 वार्षिक पुरस्कार (विविध)  Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन समाचार

21 दिसंबर 2017 (भारत ): साहित्य अकादमी ने 2017 के वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा करते हुए इस बार ये पुरस्कार 24 भारतीय भाषाओं में 24 साहित्यकारों को दिए हैं। सात उपन्यास, पांच कविता-संग्रह, पांच संग्रह, पांच समालोचना, एक नाटक और एक निबंध को इस बार पुरस्कृत किया गया है। रचनाकारों को 12 फरवरी 2018 को आयोजित होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

कविता-संग्रह

उदय नारायण सिंह 'नचिकेता' (मैथिली), श्रीकांत देशमुख (मराठी), भुजंग टुडु (संताली), (स्व०) इंक़लाब (तमिल) और देवीप्रिया (तेलुगू)।

कहानी-संग्रह

पांच लेखकों को उनके कहानी-संग्रहों के लिए सम्मानित किया गया। इनके नाम हैं- शिव मेहता (डोगरी), औतार कृष्ण रहबर (कश्मीरी), गजानन जोग (कोंकणी), गायत्री सराफ (ओड़िया) और बेग एहसास (उर्दू)।

उपन्यास

जयंत माधव बरा को (असमिया), आफसर आमेद (बांग्ला), रीता बर (बोडो) ममंग दई (अंग्रेजी), केपी रामनुन्नी को (मलयाळम्), निरंजन मिश्र (संस्कृत) और नछत्तर (पंजाबी) को उनके उपन्यास हेतु सम्मान दिया गया है।

साहित्यिक समालोचना, नाटक व निबंध

उर्मि घनश्याम देसाई (गुजराती), रमेश कुंतल मेघ (हिंदी), टीपी अशोक (कन्नड़), वीणा हंगखिम (नेपाली) और नीरज दइया (राजस्थानी) को समालोचना के लिए पुरस्कृत किया गया है।

वहीं, राजेन तोइजाम्बा (मणिपुरी) को उनके नाटक व जगदीश लछाणी (सिंधी) को उनके निबंध के लिए पुरस्कृत किया गया है।

यह सम्मान 1 जनवरी 2011 और 31 दिसंबर 2015 के बीच पहली बार प्रकाशित पुस्तकों पर दिया गया है। साहित्य अकादमी पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफल, शाल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

 

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