आप जिस तरह बोलते हैं, बातचीत करते हैं, उसी तरह लिखा भी कीजिए। भाषा बनावटी न होनी चाहिए। - महावीर प्रसाद द्विवेदी।

अनूदित कहानियाँ

श्रेष्ट विश्व साहित्य से अनूदित कहानियाँ।

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