अपनी सरलता के कारण हिंदी प्रवासी भाइयों की स्वत: राष्ट्रभाषा हो गई। - भवानीदयाल संन्यासी।
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सुलभता  (विविध)  Click to print this content  
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सुलभता में न्यूज़ीलैंड 16वें स्थान पर

वाशिंगटन। न्यूज़ीलैंड सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सुलभता संबंधी वैश्विक सूची में 16वें स्थान पर है ।  न्यूज़ीलैंड 2010 में 19वें स्थान पर थायानी 3 अंकों की बढ़त हुई है। इस सूची में कुल 167 देशों का सर्वेक्षण किया गया था। इस सूची में कोरिया शीर्ष पर है।

'भारत' सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सुलभता संबंधी वैश्विक सूची में 131वें स्थान पर है जबकि देश में पिछले पांच साल में घरों-परिवारों में इंटरनेट और कम्प्यूटर बढ़ा है। 2010 में भारत 125वें स्थान पर था यानी 6 अंकों की गिरावट आई है। इस सूची में कुल 167 देशों का सर्वेक्षण किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन (ITU) की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर 3.2 अरब लोग ऑनलाइन हैं जो वैश्विक आबादी का 43.4 प्रतिशत है जबकि मोबाइल सेल्यूलर के ग्राहक 7.1 अरब हैं जोकि विश्व की कुल जनसंख्या के 95 प्रतिशत हैं।

इस सूची के अनुसार 2010 से 2015 के बीच विश्व भर में औसतन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अधिक सुलभ हुई है तथा स्थिति में सुधार हुआ है।

 

 

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