भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।
प्रो.सूरज भान सिंह नहीं रहे
20 मार्च 2015: प्रसिद्ध भाषा चिंतक और शिक्षाविद प्रो.सूरज भान सिंह का लंबी बीमारी के बाद 19 मार्च की रात देहरादून में निधन हो गया। प्रो सिंह भाषाविज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित थे। प्रो. सूरजभान सिंह का जन्म 1936 में देहरादून में हुआ था।
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