दक्षिण की हिंदी विरोधी नीति वास्तव में दक्षिण की नहीं, बल्कि कुछ अंग्रेजी भक्तों की नीति है। - के.सी. सारंगमठ
न्यूज़ीलैंड के रोहित कुमार हैप्पी को राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान (विविध)  Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन समाचार

14 सितंबर 2022 (भारत): हिंदी दिवस के अवसर पर न्यूजीलैंड के पत्रकार रोहित कुमार 'हैप्पी' को हिंदी भाषा के विकास में योगदान के लिए मध्य प्रदेश शासन की ओर से 'राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान' प्रदान किया गया।

रोहित कुमार हैप्पी को राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी भाषा के विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान के लिए 5 राष्ट्रीय सम्मानों की स्थापना वर्ष 2015 में की गई है, जिनमें सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान, निर्मल वर्मा सम्मान, फादर कामिल बुल्के सम्मान, गुणाकर मुले सम्मान एवं हिन्दी सेवा सम्मान सम्मिलित हैं। इन सभी सम्मानों में प्रत्येक सम्मानित को एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि, सम्मान पट्टिका एवं शॉल-श्रीफल प्रदान किया जाता है।

रोहित हाल ही में इस समारोह में सम्मिलित होने के लिए न्यूजीलैंड से भारत आए थे। मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें भोपाल के रवींद्र सभागण केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में यह सम्मान प्रदान किया। समारोह का आयोजन हिंदी दिवस (14 सितंबर) के अवसर पर किया गया।

रोहित कुमार 'हैप्पी' ने 1996 में  न्यूजीलैंड में 'भारत-दर्शन' हिंदी साहित्यिक पत्रिका आरंभ की और 1997 यह पत्रिका इंटरनेट पर विश्व का पहला ऑनलाइन हिंदी प्रकाशन बना।  भारत-दर्शन का संपादन करने वाले कुमार ने कहा, "मैं राष्ट्रीय निर्मल वर्मा पुरस्कार से सम्मानित होने पर अपनी खुशी व्यक्त नहीं कर सकता।  मैं पूरे मध्य प्रदेश, वहाँ के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के स्नेह से अभिभूत हूँ। इस कार्यक्रम में लगभग 1000 लोग आए हुए थे। 

रोहित कुमार ने कहा कि इस तरह के सम्मान बेहतर काम करने के लिए प्रेरणा देते हैं। वे कहते हैं, "इयह सम्मान मुझे हिंदी भाषा व साहित्य के लिए और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा, जिसके लिए मैं जुनूनी हूँ। निःसंदेह इससे  ऊर्जा मिलेगी। "

अपनी वर्तमान भारत यात्रा के दौरान, रोहित कुमार कई साहित्यिक आयोजनों का भी हिस्सा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न देशों के साहित्यकारों से मुलाकात की। रोहित कहते हैं, ''इस बार भारत की यात्रा पूरी तरह साहित्यिक यात्रा रही।"

ऑकलैंड में रहने वाले इस लेखक/पत्रकार की 'न्यूजीलैंड की हिंदी पत्रकारिता का इतिहास (2020)', 'न्यूजीलैंड की हिंदी यात्रा (केंद्रीय हिंदी संस्थान, 2021)  व प्रशांत की लोक कथाएं (केंद्रीय हिंदी संस्थान, 2021) जैसी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आप न्यूजीलैंड में हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

इन्होंने भारतीय उच्चायोग और वेलिंगटन हिंदी स्कूल द्वारा आयोजित हिंदी निबंध प्रतियोगिता (2022) में प्रथम पुरस्कार भी जीता। उन्हें हाल ही में महात्मा गांधी केंद्र में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया था।

[भारत-दर्शन समाचार]

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