साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।
प्रेमचंद कुछ संस्मरण (कथा-कहानी)    Print  
Author:मुंशी प्रेमचंद | Munshi Premchand
 

प्रेमचंद अपनी वाक्-पटुता के लिए भी प्रसिद्ध हैं। धीर-गंभीर दिखने वाले 'प्रेमचंद' कर्म और वाणी के धनी थे। प्रेमचंद के बहुत से किस्से कहे-सुने जाते हैं। यहाँ उन्हीं संस्मरणों को आपके लिए संकलित किया जा रहा है।

Back
More To Read Under This

 

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर और मुंशी प्रेमचंद
 
 
Post Comment
 
  Captcha
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें