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होली विशेषांक - मार्च -अप्रैल 2014

Released: March 2014

होली विशेषांक - मार्च -अप्रैल 2014

इस अंक की कुल रचनाएँ : 39

होली विशेषांक - पढ़िए 'होली की पौराणिक कथाएं', होली गीत, होली की कविताएं व आलेख। Holi festival stories, Holi poetry, stories and all about Holi

इस अंक के बारे में विस्तृत जानकारी पढ़ें [ i ]

23 मार्च 'भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरू' का बलिदानी-दिवस होता है। उन्हीं की समृति में यहां शहीदी-दिवस को समर्पित विशेष सामग्री प्रकाशित की गई है।

भारत-दर्शन का होली विशेषांक आपको भेंट। इस अंक में होली से संबंधित रचनाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। भारत-दर्शन का सम्पूर्ण होली-विशेषांक पढ़ें या प्रमुख रचनाएं पढ़ें जिनमें सम्मिलित हैं- 'होली की पौराणिक-कथाएं, मीरा के होली पद, घासीराम के होली पद, सूरदास के पद, जैमिनी हरियाणवी की हास्य कविता, 'प्यार भरी बोली', फणीश्वरनाथ रेणु की पहली कविता, 'होली', भारतेंदु की ग़ज़ल, 'गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में', प्रेमचंद की कहानी, 'होली की छुट्टी', रसखान के फाग सवैय्ये, आलेखों में - डा जगदीश गांधी का, 'आपसी प्रेम एवं एकता का प्रतीक है होली' और मनिंदर भाटिया का आलेख 'होली आई रे'। 

उपरोक्त सामग्री के अतिरिक्त महादेवी वर्मा, फणीश्वरनाथ रेणु व अज्ञेय की रचनाएं प्रकाशित की गई हैं। तीनों का जन्म मार्च में हुआ था। महादेवी वर्मा का जन्म-दिवस 26 मार्च को होता है, वैसे वे होली के दिन ही पैदा हुई थीं। अन्य भारतीय उत्सवों की तरह होली के साथ भी विभिन्न पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। यहाँ विभिन्न कथाओं को उद्धृत किया गया है। पढ़िए 'होली की पौराणिक कथाएं'।

आशा है पाठकों का स्नेह मिलता रहेगा। आप भी भारत-दर्शन में प्रकाशनार्थ अपनी रचनाएं भेजें। इस अंक से हम हिंदी लेखकों व कवियों के चित्रों की श्रृँखला भी प्रकाशित कर रहे हैं यदि आप के पास दुर्लभ चित्र उपलब्ध हों तो अवश्य प्रकाशनार्थ भेजें। इस अनूठे प्रयास में अपना सहयोग दें।



ऋतु फागुन नियरानी हो
काव्य — कबीरदास
काव्य मंच पर होली
काव्य — बृजेन्द्र उत्कर्ष
गोपालदास नीरज के दोहे
काव्य — गोपालदास ‘नीरज’
घासीराम के पद
काव्य — घासीराम | Ghasiram Ke Pad
जो पुल बनाएँगें
काव्य — अज्ञेय
डा रामनिवास मानव की बाल-कविताएं
बाल-साहित्य — डॉ रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav
धूप का एक टुकड़ा | कहानी
कथा-कहानियाँ — निर्मल वर्मा | Nirmal Verma
प्यार भरी बोली | होली हास्य कविता
काव्य — जैमिनी हरियाणवी | Jaimini Hariyanavi
फागुन के दिन चार
काव्य — मीराबाई
बाबा साहब का चमत्कार
विविध — भारत दर्शन संकलन
मीरा के पद - Meera Ke Pad
काव्य — मीराबाई
मीरा के होली पद
काव्य — मीराबाई
मुक्तिबोध की कविता
काव्य — गजानन माधव मुक्तिबोध | Gajanan Madhav Muktibodh
मुट्ठी भर रंग अम्बर में
काव्य — रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)
मेजर चौधरी की वापसी
कथा-कहानियाँ — अज्ञेय
यह भी नशा, वह भी नशा | लघुकथा
कथा-कहानियाँ — मुंशी प्रेमचंद
रसप्रिया
कथा-कहानियाँ — फणीश्वरनाथ रेणु | Phanishwar Nath 'Renu'
वसन्त आया
काव्य — सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
संत दादू दयाल के पद
काव्य — संत दादू दयाल | Sant Dadu Dayal
साजन! होली आई है!
काव्य — फणीश्वरनाथ रेणु | Phanishwar Nath 'Renu'
सूर के पद | Sur Ke Pad
काव्य — सूरदास
होरी खेलत हैं गिरधारी
काव्य — मीराबाई
होली आई रे
विविध — डॉ मनिन्दर भाटिया
होली आई रे | बाल कविता
बाल-साहित्य — प्रकाश मनु | Prakash Manu
होली आई - होली आई
काव्य — हर्ष कुमार
होली का मज़ाक | यशपाल की कहानी
कथा-कहानियाँ — यशपाल | Yashpal
होली की छुट्टी
कथा-कहानियाँ — मुंशी प्रेमचंद
होली की रात | Jaishankar Prasad Holi Night Poetry
काव्य — जयशंकर प्रसाद | Jaishankar Prasad
होली पौराणिक कथाएं
कथा-कहानियाँ — भारत-दर्शन संकलन
होली | बाल कविता
बाल-साहित्य — गीत माला
होली | बाल कविता
बाल-साहित्य — गुलशन मदान