हिन्दी में अमीर ख़ुसरो की मुकरनियाँ प्रसिद्ध हैं। इनको ‘कह-मुकरी’ भी कहते हैं । 'कह मुकरी' का अर्थ है कह कर मुकर जाना । मुकरने की क्रिया या भाव, एक प्रकार की लोक-प्रचलित कविता जिसका रूप बहुत कुछ पहेली का सा होता है।
राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिंदी ही जोड़ सकती है। - बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'
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