राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन
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  1. रोते-रोते रात सो गई

    झुकी न अलकें/झपी न पलकें/सुधियों की बारात खो गई -अटल बिहारी वाजपेयी का गीत। Rote Rote Raat So Gayi by Atal Bihari Vajpayee.

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  2. मजदूर की पुकार

    हम मजदूरों को गाँव हमारे भेज दो सरकार - मजदूर की पुकार। यह हृदय विदारक गीत भारत में कोरोना के सामी हो रहे प्रवासी मजदूरों के पलायन के समय एक अज्ञात श्…

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  3. किसने बाँसुरी बजाई

    किसने बाँसुरी बजाई - जानकी वल्लभ शास्त्री का यह पहला गीत बहुत लोकप्रिय हुआ। जानकी वल्लभ शास्त्री को प्रसाद, निराला, पंत और महादेवी के बाद पांचवां छाया…

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