कोई कौम अपनी जबान के बगैर अच्छी तालीम नहीं हासिल कर सकती। - सैयद अमीर अली 'मीर'।

सूर्यभानु गुप्त का जन्म-दिवस | 22 सितंबर

22 सितंबर को हिंदी के ग़ज़लकार सूर्यभानु गुप्त का जन्म-दिवस है। सूर्यभानु गुप्त का 22 सितंबर 1940 को उत्तरप्रदेश में जन्म हुआ था।

सूर्यभानु गुप्त हिंदी ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर माने जाते हैं।

 

सूर्यभानु गुप्त की ग़ज़ल

हर लम्हा ज़िन्दगी के पसीने से तंग हूँ
मैं भी किसी क़मीज़ के कॉलर का रंग हूँ

मोहरा सियासतों का, मेरा नाम आदमी
मेरा वजूद क्या है, ख़लाओं की जंग हूँ

रिश्ते गुज़र रहे हैं लिए दिन में बत्तियाँ
मैं बीसवीं सदी की अँधेरी सुरंग हूँ

निकला हूँ इक नदी-सा समन्दर को ढूँढ़ने
कुछ दूर कश्तियों के अभी संग-संग हूँ

माँझा कोई यक़ीन के क़ाबिल नहीं रहा
तनहायों के पेड़ से अटकी पतंग हूँ

ये किसका दस्तख़त है, बताए कोई मुझे
मैं अपना नाम लिख के अँगूठे-सा दंग हूँ

-सूर्यभानु गुप्त

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