कोई कौम अपनी जबान के बगैर अच्छी तालीम नहीं हासिल कर सकती। - सैयद अमीर अली 'मीर'।

विष्णु प्रभाकर | Vishnu Prabhakar

विष्णु प्रभाकर का जीवन परिचय

हिंदी लेखक व साहित्यकार विष्णु प्रभाकर का जन्म 21 जून 1912 को मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ।
 
आपने कहानी, उपन्यास, नाटक व निबंध विधाओं में सृजन किया।
 
आपने ढलती रात, स्वप्नमयी, अर्धनारीश्वर, धरती अब भी घूम रही है, क्षमादान, दो मित्र, पाप का घड़ा, होरी इत्यादि उपन्यास लिखे।
 
हत्या के बाद, नव प्रभात, डॉक्टर, प्रकाश और परछाइयाँ, बारह एकांकी, अशोक, अब और नही, टूट्ते परिवेश इत्यादि नाटकों का सृजन किया व संघर्ष के बाद, धरती अब भी धूम रही है, मेरा वतन, खिलोने, आदि और अन्त आपके सुप्रसिद्ध कहानी-संग्रह हैं।
 
आपकी आत्म-कथा, 'पंखहीन' तीन खंडों में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। विष्णु प्रभाकर की जीवनी, 'आवारा मसीहा' चर्चित रही।

आपने यात्रा वृतांत भी लिखे जिनमें ज्योतिपुन्ज हिमालय, जमुना गन्गा के नैहर मै सम्मिलित हैं। 11 अप्रैल 2009 को देहली में आपका देहांत हो गया।

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