मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

उषा प्रियंवदा | Usha Priyamvada

हिंदी लेखिका, 'उषा प्रियंवदा' का जन्म 24 दिसंबर 1931 को हुआ। आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अँग्रेज़ी साहित्य में एम. ए. की। कुछ समय तक वहीं अध्यापन किया। तत्पश्चात अमरीका के इंडियाना विश्वविद्यालय में आधुनिक अमरीकी साहित्य पर शोध किया।

उषा प्रियंवदा आज की एक सशक्त कहानी लेखिका हैं। 'वापसी' उषा प्रियंवदा की प्रतिनिधि

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।