हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त।

यशपाल जैन | Yashpal Jain

यशपाल जैन का जन्म 1 सितम्बर 1912 को विजयगढ़ ज़िला अलीगढ़ में हुआ था।  

सस्ता साहित्य मंडल के प्रकाशन के पीछे मुख्यत: आप ही का परिश्रम था।

आपने सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन के मंत्री के रूप में हिंदी की सेवा की ।
 
आपने अनेक उपन्यास, कहानी संग्रह, एक आत्मकथा, 3 प्रकाशित
नाटक, कविता संग्रह, यात्रा वृत्तांत, व संग्रहों का प्रकाशन व संपादन किया।

1990 में आपको  पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। 

10 अक्टूबर 2000 को नागदा (म. प्र) में आपका निधन हो गया।

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।