अटल बिहारी वाजपेयी | Atal Bihari Vajpayee साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 15
झुक नहीं सकते | कविता
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते।
सत्य का संघर्ष सत्ता से,
न्याय लड़ता निरंकुशता से,
पूरा पढ़ें...
सत्य का संघर्ष सत्ता से,
न्याय लड़ता निरंकुशता से,
कवि आज सुना वह गान रे
कवि आज सुना वह गान रे,
जिससे खुल जाएँ अलस पलक।
नस-नस में जीवन झंकृत हो,
पूरा पढ़ें...
जिससे खुल जाएँ अलस पलक।
नस-नस में जीवन झंकृत हो,
आओ फिर से दीया जलाएं | कविता
आओ फिर से दिया जलाएं
भरी दूपहरी में अधियारा
सूरज परछाई से हारा
पूरा पढ़ें...
भरी दूपहरी में अधियारा
सूरज परछाई से हारा
पंद्रह अगस्त की पुकार
पंद्रह अगस्त का दिन कहता -
आज़ादी अभी अधूरी है।
सपने सच होने बाकी है,
पूरा पढ़ें...
आज़ादी अभी अधूरी है।
सपने सच होने बाकी है,
कैदी कविराय की कुंडलिया
गूंजी हिन्दी विश्व में स्वप्न हुआ साकार,
राष्ट्रसंघ के मंच से हिन्दी का जैकार।
हिन्दी का जैकार हिन्द हिन्दी में बोला,
पूरा पढ़ें...
राष्ट्रसंघ के मंच से हिन्दी का जैकार।
हिन्दी का जैकार हिन्द हिन्दी में बोला,
गीत नहीं गाता हूँ | कविता
बेनकाब चेहरे हैं,
दाग बड़े गहरे हैं,
टूटता तिलस्म, आज सच से भय खाता हूँ ।
पूरा पढ़ें...
दाग बड़े गहरे हैं,
टूटता तिलस्म, आज सच से भय खाता हूँ ।
दूध में दरार पड़ गई | कविता
खून क्यों सफेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया।
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
पूरा पढ़ें...
भेद में अभेद खो गया।
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
कदम मिलाकर चलना होगा | कविता
बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
पूरा पढ़ें...
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
गूंजी हिन्दी
गूंजी हिन्दी विश्व में, स्वप्न हुआ साकार;
राष्ट्र संघ के मंच से, हिन्दी का जयकार;
हिन्दी का जयकार, हिन्द हिन्दी में बोला;
पूरा पढ़ें...
राष्ट्र संघ के मंच से, हिन्दी का जयकार;
हिन्दी का जयकार, हिन्द हिन्दी में बोला;