प्रीता व्यास | न्यूज़ीलैंड साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 14

Author Image

मैं कवि हूँ

मैं डॉक्टर नहीं हूँ
मैं तुम्हारी बीमारी के लिए
दवा नहीं दे सकती

पूरा पढ़ें...

सहेजे हैं शब्द

शौकिया जैसे सहेजते हैं लोग
रंगीन, सुंदर, मृत तितलियाँ
सहेजे हैं वैसे ही मैंने

पूरा पढ़ें...

मुझे देखा ही नहीं

देखतीं है आँखें बहुत कुछ
ज़मीं, आसमान, सड़कें, पुल, मकान
पेड़, पौधे, इंसान

पूरा पढ़ें...

तुम्हारे रक्त में बहूं मैं

मेरी ख़ामोशी का
ये अर्थ नहीं
कि मै बस राख हूँ

पूरा पढ़ें...

कौन है वो?

कोई है
जिसके पैरों कि आहट से
चौंक उठते हैं कान

पूरा पढ़ें...

कोई नहीं होगा साक्षी

पत्थर के नहीं हैं
ये मेरे- तुम्हारे रिश्ते
की चोट सह लें

पूरा पढ़ें...

हममें फ़र्क़ है

तुम्हारा नजरिया भले ही समान हो
मेरे और अख़बार के प्रति,
मगर हममें फ़र्क़ है

पूरा पढ़ें...

अपनों की बातें

बातें उन बातों की हैं
जिनमें अनगिन घातें थीं,
बातें सब अपनों की थीं।

पूरा पढ़ें...

दादी कहती दाँत में | बाल कविता

दादी कहती दाँत में मंजन नित कर नित कर नित कर 
साफ़-सफाई दाँत जीभ की नितकर नित कर नित कर। 
 

पूरा पढ़ें...

तुझे पाती हूं तो जी जाती हूं

बादल ही क्यों ना फट जाएँ
तेरे पीछे मे रोती भी नहीं
मेरे आंसुओं को भी

पूरा पढ़ें...

कसौटी

वो मेरे लिए ला सकता है
फलक के चाँद-तारे
नहीं ला सकता तो

पूरा पढ़ें...


बुद्धू बेलोग

बात काफी पुराने समय की है जब न टीवी थी ना रेडिओ, ना इंटरनेट ना फोन. इंडोनेशिया के द्वीप बाली में एक सीधा-साधा सा लड़का अपनी माँ के साथ रहा करता था। वो इतना सी...

पूरा पढ़ें...

काबायान अमीर न बन सका

काबायान एक गरीब आदमी था। उसकी जीविका 'रोज़ कुंवा खोदो, रोज़ पानी पीओ' वाले ढर्रे पर चल रही थी। दुनिया के तमाम लोगों की तरह वह भी अमीर होने का सपना देखता था।
?...

पूरा पढ़ें...

प्रीता व्यास | न्यूज़ीलैंड का जीवन परिचय