अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

Author Image

सुनाएँ ग़म की किसे कहानी

सुनाएँ ग़म की किसे कहानी हमें तो अपने सता रहे हैं।
हमेशा सुबहो-शाम दिल पर सितम के खंजर चला रहे हैं।।
न कोई इंग्लिश न कोई जर्मन न कोई रशियन न कोई टर्की।

पूरा पढ़ें...

कस ली है कमर अब तो

कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएँगे
आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे।
हटने के नहीं पीछे, डर कर कभी जुल्मों से

पूरा पढ़ें...

अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जीवन परिचय