साधो पेट बड़ा हम जाना। यह तो पागल किये जमाना॥ मात पिता दादा दादी घरवाली नानी नाना।
माई लार्ड! लड़कपन में इस बूढ़े भंगड़ को बुलबुल का बड़ा चाव था। गांव में कितने ही शौकीन बुलबुलबाज थे। वह बुलबुलें पकड़ते थे, पालते थे और लड़ाते थे, बालक शिव?...