मेरे पापा सबसे अच्छे, मेरे संग बन जाते बच्चे। झटपट वे घोड़ा बन जाते,
नभ में उड़ने की है मन में, उड़कर पहुँचूँ नील गगन में। काश, हमारे दो पर होते,
बिस्तर गोल हुआ सर्दी का, अब गर्मी की बारी आई। आसमान से आग बरसती,
चलो कहीं पर घूमा जाए, थोड़ा मन हल्का हो जाए। सबके, अपने-अपने ग़म हैं,
मेरे जन्म दिवस पर मुझको, पापा ने उपहार दिया है। सुन्दर पुस्तक मुझको दी है, पढ़ने वाला प्यार दिया है। इस पुस्तक में इक बालक ने,