प्रेमचंद की कहानियाँ | प्रेमचंद समग्र

रचनाकार: मुंशी प्रेमचंद

Stories by Premchand

प्रेमचंद की कहानियाँ, लघुकथाएँ और बाल कहानियाँ

भारत-दर्शन पर उपलब्ध प्रेमचंद की रचनाओं की सूची - कहानियाँ, लघुकथाएँ और बाल कहानियाँ

  • पूस की रात में हल्कू ठंड से काँपता हुआ कंबल के लिए मुन्नी से पैसे मांगता है, लेकिन मुन्नी उसे खेती छोड़कर मजूरी करने की सलाह देती है। हल्कू रात को बिना कंबल के ठंड में सोने की कोशिश करता है, लेकिन खेत की रक्षा नहीं कर पाता। सुबह नीलगायों द्वारा खेत बर्बाद होने पर वह प्रसन्न होता है क्योंकि अब ठंड में रात नहीं काटनी पड़ेगी।
  • प्रेमचंद की यह कहानी बचपन की मासूमियत और गुल्ली-डण्डा खेल की महिमा गाती है, जो सभी बच्चों को एकजुट करता था। लेखक गया नामक लड़के के साथ खेल की यादें ताजा करते हैं और वयस्क जीवन में पद-प्रतिष्ठा से बदलती दोस्ती पर व्यंग्य करते हैं। जीवन की सफलता दोस्ती को कैसे बदल देती है, यह मार्मिक चित्रण है।
  • दुखी चमार अपनी बेटी की शादी के लिए पंडित से मुहूर्त मांगता है, लेकिन पंडित उसे काम पर काम थोपते हैं। थकान और भूख से दुखी की मृत्यु हो जाती है। पंडित लाश को गांव से बाहर फिंकवाते हैं, जातिवाद और शोषण की कटु सच्चाई उजागर करती कहानी।
  • बुंदेलखंड के राजा हरदौल न्याय और वीरता से प्रजा का दिल जीतते हैं। भाई जुझार सिंह की ईर्ष्या से रानी पर आरोप लगता है। हरदौल विष पीकर बलिदान देते हैं, भाईचारे और त्याग की गाथा।
  • अमरकान्त ससुराल के लिए साड़ी खरीदते समय विदेशी कपड़ों की पिकेटिंग में फंस जाता है। सुखदा की मदद और प्रेरणा से वह स्वदेशी आंदोलन में शामिल हो जाता है। होली का उपहार स्वदेश प्रेम बन जाता है।
  • बाबू चैतन्यदास अर्थशास्त्र के नाम पर पुत्र प्रभुदास के इलाज में कंजूसी करते हैं। प्रभुदास की मृत्यु के बाद पश्चाताप में वे अंतिम संस्कार पर खूब खर्च करते हैं। पुत्र-प्रेम की विडंबना पर गहरा व्यंग्य।
  • पंडित मोटेराम और चिंतामणि होली पर मिठाइयों को मनुष्य का परम धर्म बताते हैं। बहस इतनी बढ़ती है कि हाथापाई हो जाती है। मिठाई प्रेम और पाखंड पर हास्यपूर्ण व्यंग्य।
  • विधवा गंगी सामाजिक बंधनों में बंधी है। होली पर गरीबसिंह के प्रति आकर्षण जगता है, लेकिन उसकी मृत्यु से उसका प्रेम अधूरा रह जाता है। विधवा जीवन की पीड़ा और प्रेम की होली पर मार्मिक कहानी।
  • श्रीविलास होली से डरता है और छिप जाता है। साले उसे रंग लगाते हैं और मजाक उड़ाते हैं। अंत में वह होली के असली अर्थ - सेवा और त्याग - को समझता है।
  • गरीब क्लर्क अमीर दोस्त के घर जमींदारी के नशे में डूब जाता है। सामाजिक भेदभाव और विशेषाधिकार का नशा उसे बदल देता है, लेकिन एक घटना से नशा उतरता है। अमीरी के नशे पर व्यंग्य।
  • दिलफ़िगार प्रेमिका की शर्त पर दुनिया की सबसे कीमती चीज ढूंढता है। बच्चे का आंसू, सती की राख के बाद वतन के लिए बहाया खून का कतरा सबसे अनमोल निकलता है। देशभक्ति और त्याग पर प्रेरक कहानी।
  • जंगल में बनमानुस अपनी मृत जोड़ी पर विलाप करता है। शिकारी उसकी प्रेम भावना देखकर द्रवित होता है, लेकिन अंत में उसे मार देता है। जानवरों में भी प्रेम की गहराई दर्शाती मार्मिक बाल कहानी।
  • आनंदी बड़े घर की बेटी होने के बावजूद ससुराल में अपमान सहती है। उसकी उदारता से परिवार एकजुट होता है। बड़े घर की गरिमा और त्याग पर सुंदर कहानी।
  • ईमानदार दारोगा वंशीधर रिश्वत ठुकराकर कर्तव्य निभाता है। अदालत में हार के बावजूद उसकी ईमानदारी की सराहना होती है। ईमान और कर्तव्य की विजय पर प्रसिद्ध कहानी।
  • रजिया दूसरी शादी के बाद घर छोड़ देती है, लेकिन पति की मृत्यु पर सौत दसिया को अपनाती है। करुणा और त्याग से परिवार एकजुट होता है। सौत संबंधों पर मार्मिक कहानी।
  • पत्नी की आभूषण लालसा से व्यथित विमलसिंह घर छोड़ देता है। मंगला भी पति के प्रेम से वंचित होकर भागती है। आभूषण की तृष्णा और प्रेम की कमी पर विचारोत्तेजक कहानी।
  • मदारीलाल पुरानी ईर्ष्या से सुबोध की हत्या का प्रयास करता है। अपराधबोध से वह सुबोध के परिवार का पालन करता है। पश्चाताप और प्रायश्चित पर गहन कहानी।
  • घीसू और माधव बुधिया की मृत्यु पर कफन के पैसे से शराब पीते हैं। गरीबी, लापरवाही और स्वार्थ की चरम सीमा दर्शाती मार्मिक कहानी।
  • सुवामा देवी से देशसेवक पुत्र का वरदान मांगती है। देवी उसकी बुद्धि की सराहना करती है। देशभक्ति और मातृभाव पर छोटी प्रेरक कहानी।
  • पंडित लीलाधर जातीय उत्थान के लिए अछूतों की सेवा करते हैं। प्लेग में सेवा से उनकी सोच बदलती है। छुआछूत और सुधार पर प्रभावशाली कहानी।
  • गड़रिये का लड़का जंगल में शेर से घिर जाता है। साहस और बुद्धि से वह तीन दिन तक बचता है और शिकारियों द्वारा बचाया जाता है। साहस की रोमांचक बाल कहानी।
  • शिकारी पालतू शेरनी जिल के साथ सैर पर जाता है। गलती से वह उसे ही मार देता है। पालतू जानवर और शिकार की विडंबना पर दर्दनाक बाल कहानी।
  • सर्कस में चीता भाग जाता है। बलदेव गुब्बारे पर चढ़कर चीते से बचता है। रोमांच और साहस की मजेदार बाल कहानी।
  • खुला दरवाजा बच्चे को आकर्षित नहीं करता, लेकिन बंद होने पर वह रोता है। बच्चों की मनोवृत्ति पर छोटी मार्मिक लघुकथा।
  • राष्ट्रसेवक नीच जाति के साथ समानता का उपदेश देता है, लेकिन बेटी का उसी जाति के लड़के से विवाह अस्वीकार करता है। पाखंड पर तीखा व्यंग्य।
  • विधवा दान देती है, जो उसका नहीं बल्कि मिला हुआ था। उसकी गरीबी और उदारता देख लेखक उसे देवी मानता है। दान और करुणा पर मार्मिक लघुकथा।
  • कश्मीरी सेब बाहर से सुंदर लेकिन अंदर सड़े निकलते हैं। दुकानदार की धोखेबाजी पर व्यंग्य, समाज में बेइमानी की चिंता।
  • गरीब रामधन साधु के लिए रखा भोजन साधु को खिलाता है। भूख और पाखंड पर व्यंग्यपूर्ण लघुकथा।
  • चिंतामणि सन्यास लेते हैं, लेकिन गांजे न पीने से साधु समाज से बाहर हो जाते हैं। साधु जीवन के पाखंड पर हास्यपूर्ण व्यंग्य।
  • बहनें एक-दूसरे के प्रेम संबंधों पर बहस करती हैं। जलन और धोखे की आशंका पर तीखी बातचीत। परिवार में प्रेम और विश्वास पर लघुकथा।

यह सूची bharatdarshan.co.nz पर उपलब्ध प्रेमचंद की मुख्य कहानियों पर आधारित है। विवरण कहानियों के सार को संक्षेप में प्रस्तुत करता है।