शांतिलाल जैन
जन्म: 19 फरवरी, 1960
संप्रति: स्वतंत्र लेखन
सृजनात्मक उपलब्धियाँ (प्रकाशित व्यंग्य संकलन)
शांतिलाल जैन जी के अब तक पांच महत्वपूर्ण व्यंग्य संकलन प्रकाशित होकर चर्चित रहे हैं:
• कबीर और अफसर (2003) – म.प्र. साहित्य परिषद् के सहयोग से प्रकाशित।
• न आना इस देश (2015) – शिल्पायन, दिल्ली।
• मार्जिन में पिटता आदमी (2017) – ‘क’ प्रकाशन, दिल्ली।
• वे रचनाकुमारी को नहीं जानते (2020) – आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल।
• …कि आप शुतुरमुर्ग बने रहें (2024) – बोधि प्रकाशन, जयपुर।
पुरस्कार एवं सम्मान
साहित्यिक अवदान के लिए आपको अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है:
• साहित्य अकादमी (म.प्र. संस्कृति परिषद्) का कृति पुरस्कार: ‘न आना इस देश’ (प्रादेशिक राजेंद्र अनुरागी पुरस्कार – 2015) के लिए।
• डॉ ज्ञान चतुर्वेदी व्यंग्य सम्मान (2018) एवं हिंदी व्यंग्य भूषण सम्मान (2020)
• अन्य प्रमुख सम्मान: श्री हरिकृष्ण तैलंग स्मृति सम्मान (2014), अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान (2016), शांति गया स्मृति सम्मान (2021), स्पंदन–स्टेट बैंक साहित्यकार सम्मान (2022), ‘तंज श्री’ (चेतना इंडिया, नई दिल्ली) और हेमलता देवी साहित्य सम्मान (2024)
पत्र-पत्रिकाओं में उपस्थिति
आपकी रचनाएँ देश की लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं: इंडिया टुडे, जनसत्ता, शुक्रवार, नई दुनिया, धर्मयुग, सुबह सवेरे, दैनिक भास्कर, समावर्तन, अट्टहास, लोकमत समाचार एवं देश के अन्य कई शीर्षस्थ समाचार पत्र व साहित्यिक पत्रिकाएँ।
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