अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

इस दुनिया के रंग निराले

इस दुनिया के रंग निराले,
मुँह के मीठे, दिल के काले।

यूं तो हर दम हाथ मिलाते,
पीठ पे मारें छुरियाँ भाले।

पत्थर हीरा, हीरा पत्थर,
तेरी आँखों में हैं जाले।

जब भी हाथ मिलाए ज़ालिम,
हाथों में पड़ जाते छाले।

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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