हिंदी समस्त आर्यावर्त की भाषा है। - शारदाचरण मित्र।

मीरा के भजन

 (काव्य) 
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रचनाकार:

 मीराबाई | Meerabai

मीरा के भजनों का संग्रह।

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मेरो दरद न जाणै कोय
चलो मन गंगा-जमना-तीर
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया
होरी खेलत हैं गिरधारी
Posted By Ramu   on Wednesday, 15-Apr-2020-15:40
Mujhe meerabai ke bhajan very good hai.
Posted By manish Bishnoi   on Wednesday, 25-Nov-2015-06:28
9521141229
 
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