यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

वीरांगना

वीरांगना | Hindi poem by Kedarnath Agarwal

मैंने उसको
जब-जब देखा,
लोहा देखा।
लोहे जैसा
तपते देखा, गलते देखा, ढलते देखा
मैंने उसको
गोली जैसा चलते देखा।

- केदारनाथ अग्रवाल

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 1

h
himanshu himanshureat100@gmail.com
06-Dec-2015 06:47
nice

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