साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।

हिसाब बराबर

 (काव्य) 
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रचनाकार:

 दिव्या माथुर

हम फूलों पर सोए
एक दफ़ा
फूल हम पर सोए
एक दफ़ा
हिसाब बराबर।

- दिव्या माथुर

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