भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

विश्वनाथ प्रताप सिंह की दो क्षणिकाएँ

लिफाफा

पैगाम तुम्हारा
और पता उनका
दोनों के बीच
फाड़ा मैं ही जाऊँगा।

- विश्वनाथ प्रतापसिंह

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झाड़न

पड़ा रहने दो मुझे
झटको मत
धूल बटोर रखी है
वह भी उड़ जाएगी।

- विश्वनाथ प्रतापसिंह

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