यदि हम अंग्रेजी दूसरी भाषा के समान पढ़ें तो हमारे ज्ञान की अधिक वृद्धि हो सकती है। - जगन्नाथप्रसाद चतुर्वेदी।
काला कौआ (बाल-साहित्य )  Click to print this content  
Author:जी० आर०

काला कौआ आओ! आओ!!
दूध कटोरी का पी जाओ!

काला कौआ आओ! आओ!!
दूध कटोरी लेते जाओ!

काला कौआ आओ! आओ!!
भात कटोरी का खा जाओ!

काला कौआ आओ ! आओ!!
मेरे लाला को समझाओ!

- जी० आर०

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