अपनी सरलता के कारण हिंदी प्रवासी भाइयों की स्वत: राष्ट्रभाषा हो गई। - भवानीदयाल संन्यासी।
11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में 36 हिंदी सेवी तथा 5 संस्थाएँ सम्मानित (विविध)  Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन समाचार

विश्व हिंदी सम्मान 2018 -  देश विदेश के हिंदी विद्वान सम्मानित


20 अगस्त 2018 (मॉरीशस) 18-20 अगस्त 2018 तक मॉरीशस में आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन  के समापन समारोह के अवसर पर 36 हिंदी सेवियों को  विश्व हिंदी सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित हिंदी सेवियों में 18 भारतीय तथा 18 विदेशी हिंदी विद्वान सम्मिलित थे। इसके अतिरिक्त 2 भारतीय तथा 3 विदेशी संस्थाओं को भी विश्व हिंदी सम्मान प्रदान किया गया। मॉरीशस के दो विशेष हिंदी सेवियों स्व. अभिमन्यु अनत तथा स्व. बृजलाल धनपत को विशिष्ट हिंदी सम्मान से सम्मानित किया गया।

‘विश्व हिंदी सम्मान’ - भारत

डॉ. जोरम आनिया ताना
प्रसून जोशी
प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण
प्रो. इंद्रनाथ चौधरी
डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी
डॉ. श्रीमती ऋता शुक्ल
प्रो. चमन लाल गुप्त
श्रीधर पराडकर
तम्जनसोबा आओ
डॉ. सुभाष सी. कश्यप
डॉ. सी. भास्कर राव
डॉ. के . सी. अजय कुमार
डॉ. अजय कुमार पटनायक

अपरिहार्य कारणों से निम्नलिखित 5 हिंदी सेवी समारोह में उपस्थित नहीं हो सके, इन्हें बाद में सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया : 

बशीर अहमद मयूख
प्रो. धर्मपाल मैनी
ब्रजकिशोर शर्मा
प्रो. रमेश चंद्र शाह
मालती जोशी

‘विश्व हिंदी सम्मान’ – विदेश

प्रो. जावेद खोलोव – ताजिकिस्तान
डॉ. राम प्रसाद परसराम - त्रिनिदाद और टोबैगो
डॉ. इनेस फ़ार्नेल – जर्मनी
डॉ. अन्ना चेल्नोकोवा – रूस
डॉ. गलीना रूसोवा सोकोलोवा – बुल्गारिया
डॉ. उदय नारायण गंगू – मॉरीशस
हनुमान दूबे गिरधारी – मॉरीशस
के सन बधू – मॉरीशस
उन गू ली - दक्षिण कोरिया
गोपाल ठाकुर – नेपाल
सिलेंगामा चानरब – मंगोलिया
नेमानी बैनीवालू – फीजी
ब्रेसिल नगोडा विथान – श्रीलंका
सुनीता नारायण – न्यूज़ीलैंड
प्रो. काज़ुहिको मचीदा – जापान
डॉ. रत्नाकर नराले – कनाडा
ई मादे धर्मयश – इंडोनेशिया
प्रो. अलिसन बुच - संयुक्त राज्य अमेरिका

‘विश्व हिंदी सम्मान’ - हिंदी सेवी संस्थाएँ

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा – भारत
सी-डैक - पुणे, भारत
टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ़ॉरेन स्टडीज़ – टोक्यो
हिंदी प्रचारिणी सभा – मॉरीशस
आर्य सभा - मॉरीशस

[भारत-दर्शन समाचार]

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