यदि हम अंग्रेजी दूसरी भाषा के समान पढ़ें तो हमारे ज्ञान की अधिक वृद्धि हो सकती है। - जगन्नाथप्रसाद चतुर्वेदी।

न्याय

एक खरगोश भेड़िये से तंग था। उसे किसी ने सलाह दी कि जंगल के 'प्रधान जी' से मिले।

भोला-भाला खरगोश 'प्रधान जी' से मिला। उसने 'प्रधान जी' को मदद की गुहार लगाई। उसकी भोली-भाली सूरत देखकर शेर को बड़ी दया आयी। 'इसकी मुलायम-मुलायम त्वचा कितनी स्वादिष्ट होगी!' दया सिसक उठी और-----!

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

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