राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।
घमंड कब तक
"नानी, यह ऊँट इतना उछल-कूद क्यों रहा है?"
"इसे अपनी ऊँचाई पर घमंड हो गया है बेटे!"
"यह घमंड कब दूर होगा, नानी?"
"जब यह किसी पहाड़ के नीचे-से निकलेगा, इसका घमंड पानी-पानी हो जाएगा।"
- अयोध्याप्रसाद गोयलीय
[ साभार - कुछ मोती कुछ सीप ]
प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0
टिप्पणी लिखें (Write a Comment)