विदेशी भाषा के शब्द, उसके भाव तथा दृष्टांत हमारे हृदय पर वह प्रभाव नहीं डाल सकते जो मातृभाषा के चिरपरिचित तथा हृदयग्राही वाक्य। - मन्नन द्विवेदी।
 
बदला हुआ मौसम  (कथा-कहानी)     
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'

अचानक हिंदी पर गोष्ठियां, सम्मेलन व तरह-तरह के समारोह आयोजित होने लगे थे।  हिंदी नारे बुलंदियो पर थे। सरकारी संगठनो से साठ-गांठ के ताबड़तोड़ प्रयास भी जोरों पर थे।

इन दिनों 'अंग्रेज़ी' भी 'हिंदी' बोलने लगी थी। मौसम बदला-बदला महसूस हो रहा था। कुछ बरसों में ऐसा मौसम तब आता है जब 'विश्व हिंदी' सम्मेलन आने वाला होता है।

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

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