भारतीय एकता के लक्ष्य का साधन हिंदी भाषा का प्रचार है। - टी. माधवराव।
मेरो दरद न जाणै कोय (काव्य)    Print  
Author:मीराबाई | Meerabai
 

हे री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय।
घायल की गति घायल जाणै जो कोई घायल होय।
जौहरि की गति जौहरी जाणै की जिन जौहर होय।
सूली ऊपर सेज हमारी सोवण किस बिध होय।
गगन मंडल पर सेज पिया की किस बिध मिलणा होय।
दरद की मारी बन-बन डोलूं बैद मिल्या नहिं कोय।
मीरा की प्रभु पीर मिटेगी जद बैद सांवरिया होय।

- मीरा बाई

 

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Posted By Ashok Kumar Ahuja   on Monday, 06-Jul-2015-03:52
एक अद्भुत वेबसाइट, दिल खुश कर दिया।
 
 
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