भारतीय एकता के लक्ष्य का साधन हिंदी भाषा का प्रचार है। - टी. माधवराव।
इसलिए तनहा खड़ा है (काव्य)    Print  
Author:राजगोपाल सिंह
 

इसलिए तनहा खड़ा है
है अभी उसमें अना है

बिन बिके जो लिख रहा है
हममें वो सबसे बड़ा है

भीड़ से बिल्कुल अलग है
आज भी वो सोचता है

ख़ून दौड़े है रग़ों में
जब कभी वो बोलता है

कल उसी पर शोध होंगे
आज जो अज्ञात-सा है

-राजगोपाल सिंह

 

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