प्रस्तुत है मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'पूस की रात', जो एक भारतीय किसान की गरीबी, संघर्ष और आत्मसम्मान की मार्मिक झलक देती है। हल्कू और मुन्नी के संवाद, जाड़े की रात की ठिठुरन और जबरा की वफादारी इस कहानी को अविस्मरणीय बना देती है।