सबसे सुंदर बच्चा

रचनाकार: अकबर बीरबल के किस्से

अकबर-बीरबल विनोद

एक बार अकबर और बीरबल बाग में टहल रहे थे। अकबर ने गर्व से कहा, "बीरबल, मेरा बेटा दुनिया का सबसे सुंदर बच्चा है।"

बीरबल बोले, "जहाँपनाह, हर माता-पिता को अपना बच्चा सबसे सुंदर लगता है।" अकबर को यह बात पसंद नहीं आई। उन्होंने बीरबल को चुनौती दी कि वे अगले दिन राज्य का सबसे सुंदर बच्चा ढूँढकर लाएं।

अगले दिन बीरबल एक बहुत ही साधारण, कीचड़ में सने और गरीब बच्चे को लेकर आए। उसे देखकर अकबर बोले, "बीरबल! तुम इसे सबसे सुंदर कह रहे हो? इसकी शक्ल तो देखो!"

तभी उस बच्चे की माँ दौड़ती हुई आई। उसने बड़े प्यार से बच्चे को गले लगाया, उसके आँसू पोंछे और चूमते हुए बोली, "मेरा हीरा, मेरी जान, तू तो चाँद का टुकड़ा है!"

बीरबल ने अकबर की ओर देखा और बोले, "हुज़ूर, सुंदरता देखने वाले की आँखों में होती है। इस माँ के लिए यह बच्चा आपसे भी ज्यादा अमीर और सुंदर है।" अकबर निरुत्तर हो गए।

[भारत-दर्शन संकलन]