तीव्रगामी

रचनाकार: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

एक शख्स ने किसी से कहा कि अगर मैं झूठ बोलता हूँ तो मेरा झूठ कोई पकड़ क्यों नहीं लेता।

उसने जवाब दिया कि आपके मुँह से झूठ इस कदर जल्द निकलता है कि कोई उसे पकड़ नहीं सकता।

- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

 

//Back link added