जब हम अपना जीवन, जननी हिंदी, मातृभाषा हिंदी के लिये समर्पण कर दे तब हम किसी के प्रेमी कहे जा सकते हैं। - सेठ गोविंददास।
हिंदी भजन
हिंदी भजन-Hindi Bhajan

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तुझ बिन कोई हमारा - रामप्रसाद बिस्मिल

तुझ बिन कोई हमारा, रक्षक नही यहाँ पर;
ढूँढा जहान सारा, तुम सा नही रखैया॥
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प्रार्थना - रामप्रसाद बिस्मिल

दुख दूर कर हमारे, संसार के रचैया!
जल्दी से दे सहारा, मंझदार में है नैया॥
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