लेखक का गुण एक ही करै भँडौती धाय।
पुरस्कार पै हो नज़र ग्रांट कहीं मिल जाय॥
...
कबीर, रहीम, बिहारी, उदयभानु हंस, डा मानव के दोहों का संकलन।
लेखक का गुण एक ही करै भँडौती धाय।
पुरस्कार पै हो नज़र ग्रांट कहीं मिल जाय॥
...
हिन्दी हिन्दी कर रहे 'या-या' करते यार।
अंगरेजी में बोलते जहां विदेशी चार॥
...
गली-मुहल्ले चुप सभी, घर-दरवाजे बन्द।
कोरोना का भूत ही, घुम रहा स्वच्छन्द॥
...