विश्व हिंदी सम्मेलन

भोपाल में आयोजित 10वां विश्व हिंदी सम्मेलन (सितंबर 10-12, 2015)

दुष्यंत कुमार

दुष्यंत कुमार

दुष्यंत कुमार ने हिंदी ग़ज़ल को एक नया क्षितिज प्रदान किया था।

कवि प्रदीप

कवि प्रदीप

कवि प्रदीप को उनके जीवित रहते चाहे साहित्यजगत में वह स्थान नहीं मिला जिसके वे अधिकारी थे लेकिन भोपाल में सुसज्जित उनके चित्र प्रमाणित करते हैं कि वे जनता के दिल में अपना विशेष स्थान रखते हैं।

माखनलाल चतुर्वेदी - भोपाल की सड़कें

माखनलाल चतुर्वेदी - भोपाल की सड़कें

एक भारतीय आत्मा - माखनलाल चतुर्वेदी।

मैथिलीशरण गुप्त - भोपाल की सड़कें

मैथिलीशरण गुप्त - भोपाल की सड़कें

भारत-भारती के रचियता मैथिलीशरण गुप्त।

रामधारीसिंह दिनकर

रामधारीसिंह दिनकर

रामधारीसिंह दिनकर का चित्र।

जयशंकर प्रसाद

जयशंकर प्रसाद

हिंदी सम्मेलन हो तो जयशंकर प्रसाद की उपस्थिति तो होगी ही!

सुभद्राकुमारी चौहान

सुभद्राकुमारी चौहान

सुभद्राकुमारी चौहान के बिना भला विश्व हिंदी सम्मेलन कैसे हिंदीमय हो जाता?

प्रेमचंद का चित्र

प्रेमचंद का चित्र

दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रेमचंद के चित्र निसंदेह भोपाल को हिंदीमय बना रहे थे।

अमीर खुसरो

अमीर खुसरो

अमीर खुसरो की याद दिलाता भोपाल में विश्व हिंदी सम्मेलन के अवसर पर लगा खुसरो का एक चित्र।

मलिक मोहम्मद जायसी

मलिक मोहम्मद जायसी

भोपाल की सड़को पर सुसज्जित हिंदी के साहित्यकारों के चित्रों में मलिक मोहम्मद जायसी का चित्र।

रसखान - भोपाल की सड़कें

रसखान - भोपाल की सड़कें

रसखान का चित्र।

नगरपालिका

नगरपालिका

नगर पालिका ने भी भोपाल को हिंदीमय बनाने में अपनी भूमिका निभाई। पानी की टंकियों को बना डाला हिंदीमय।

हिंदीमय नगरपालिका की पानी टंकिया

हिंदीमय नगरपालिका की पानी टंकिया

और तो और...पानी की टंकिया भी हिंदीमय।

तुलसी - भोपाल की सड़कें

तुलसी - भोपाल की सड़कें

भोपाल को हिंदीमय बनाते तुलसीदास के चित्र।

मीरा - भोपाल की सड़कें

मीरा - भोपाल की सड़कें

विश्व हिंदी सम्मेलन - भोपाल की सड़कों पर सुसज्जित मीरा बाई का चित्र।

कबीर - भोपाल की सड़कें

कबीर - भोपाल की सड़कें

सड़को पर लगे हिंदी साहित्यकारों के चित्रों में कबीर।

हिंदीमय चौराहे

हिंदीमय चौराहे

भोपाल के चौराहे भी हिंदीमय।

भोपाल के चौराहे

भोपाल के चौराहे

भोपाल के चौराहे भी हिंदीमय।

झीलों की नगरी

झीलों की नगरी

झीलों की नगरी में प्रधानमंत्री मोदी भी दिखाई पड़े।

भोपाल की सड़कें

भोपाल की सड़कें

भोपाल की सड़कें भी हिंदी सम्मेलन के रंग में रंगी हुईं थीं।

भोपाल एअरपोर्ट

भोपाल एअरपोर्ट

भोपाल एअरपोर्ट पर विश्व हिंदी सम्मेलन के पोस्टर व बोर्ड।

भोपाल एअरपोर्ट

भोपाल एअरपोर्ट

भोपाल एअरपोर्ट पर उतरते ही विश्व हिंदी सम्मेलन का वातावरण बन चुका था।

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