हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। - वी. कृष्णस्वामी अय्यर

दही-बड़ा

सारे चूहों ने मिल-जुलकर
एक बनाया दही-बड़ा।
सत्तर किलो दही मँगाया
फिर छुड़वाया दही-बड़ा॥

दिन भर रहा दही के अंदर
बहुत बड़ा वह दही-बड़ा।
फिर चूहों ने उसे उठाकर
दरवाज़े से किया खड़ा॥


रात और दिन दही-बड़ा ही
अब सब चूहे खाते हैं।
मौज मनाते गाना गाते
कहीं न घर से जाते हैं॥

- श्रीप्रसाद

 

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