हिंदी का पौधा दक्षिणवालों ने त्याग से सींचा है। - शंकरराव कप्पीकेरी

बड़प्पन   

उनके बड़प्पन को मैं हमेशा कोसता रहा,
पता ही न लगा कि वे कितने बड़े थे,
ऊपर से, या नीचे से,
आगे से या पीछे से,
पेट तो उनका महा भक्षणी,
सिर उनका सड़ा हुआ था,
वे पूरे सरोवर को गंदा किए हुए,
एक कालिया नाग।

आपके बल का बैरोमीटर ये है
कि आपने निर्बल को
नोचा,लूटा खसोटा या
उसे लोमड़ी, बाज, गीदड़ और
गिद्धों से बचाया॥

- क्षेत्रपाल शर्मा, भारत
  ई-मेल: kpsharma05@gmail.com

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