देश तथा जाति का उपकार उसके बालक तभी कर सकते हैं, जब उन्हें उनकी भाषा द्वारा शिक्षा मिली हो। - पं. गिरधर शर्मा।
 
महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं (काव्य)       
Author:महावीर प्रसाद द्विवेदी | Mahavir Prasad Dwivedi

महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं

Back
More To Read Under This

 

प्यारा वतन
जै जै प्यारे भारत देश
 
 
Post Comment
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश