देश तथा जाति का उपकार उसके बालक तभी कर सकते हैं, जब उन्हें उनकी भाषा द्वारा शिक्षा मिली हो। - पं. गिरधर शर्मा।
 
रामकुमार अत्रेय की लघुकथाएं (कथा-कहानी)       
Author:रामकुमार आत्रेय | Ramkumar Atrey

रामकुमार आत्रेय हिंदी लघु-कथा के सशक्त हस्ताक्षर हैं। आपकी रचनाएं दैनिकपत्रों व पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं। हम यहाँ आत्रेयजी की लघु-कथाएं प्रकाशित कर रहे हैं और हमें विश्वास है कि पाठकों को इनकी रचनाएं सदैव की भांति पसंद आएंगी।

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